चीन में होने वाले ओलिम्पिक सिर्फ खेल ही नही, अपितु दुनिया को अपनी ताकत दिखाने का जरिया बन गए हैं। अमेरिका और चीन में चल रही ताकत की होड़ अब हथियारों-गुप्तचरों से कहीं आगे निकलकर लगभग हर क्षेत्र में दिखाई दे रही है। बीजिंग ओलिम्पिक इसका सबसे ताजा उदाहरण ... आगे पढ़ें...
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 बीजिंग 2008 के शुभंकर हैं पाँच फुवा (भाग्यशाली गुडिया) जिन्हें अंग्रेजी में फ्रेंडलीज का नाम मिला है, यह पाँच फुवा चीन के पाँच महत्वपूर्ण तत्वों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो हैं मछली, पांडा, आग, तिब्बती हिरण तथा चिडिया स्वालो। * हर फुवा का रंग ओलिम्पिक के ... आगे पढ़ें...
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 आज नागपंचमी है और सुबह-सुबह घर के पास बीन की तान के साथ हर साल आने वाली आवाज आई "नाग को दूध पिलाओं बचपन में इस आवाज का शायद इंतजार रहा करता था क्योकि ऐसे तो रोज-रोज साँप देखने को नही मिलते मगर पिताजी हमेशा इन सपेरों को कभी पैसे देकर तो कभी पुलिस का डर ... आगे पढ़ें...
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 रूसी क्रांति से प्रेरित नक्सलवादी विचारधारा के लोगों के लिए नक्सलवाद मार्क्सवाद-लेनिनवाद-... आगे पढ़ें...
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 भारत के दो प्रमुख शहरों में हाल में हुए एक के बाद एक श्रृंखलाबद्ध धमाकों के बाद जनता का भरोसा सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से उठ-सा गया है। केन्द्र सरकार इस हमले के बाद सकते में थी। भरी सभा में गुजरात में ऐसा न होने देने का भरोसा दिलाने वाले मुख्यमंत्री ... आगे पढ़ें...
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 अफगानिस्तान का नाम सुनते ही ठंडे पठार, जंगजू जातियाँ, कंधारी मेवे, हिंग की खुशबू और बामियान के बुद्ध याद आते है पर कुछ लोगो को यह नाम आतंकवाद और तालिबान की याद दिलाता है। आज आतंक, अशांति और आतंकवाद का पर्याय माने जाने वाले इस देश को समझने कि लिए, इसको ... आगे पढ़ें...
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 बिगड़ते पर्यावरण से अस्त-व्यस्त होते पारिस्तिथी तंत्र से आने वाले सालो में भीषण परिणाम देखने को मिलेंगें। विश्व की वन्य प्रजातियों के संरक्षण के लिए काम करने वाली स्विट्जरलैंड के एक संस्था इंटरनेशनल यूनियन फोर द कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IEUSN) ने वन्य प्राणियों ... आगे पढ़ें...
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 यह बड़ी दुखद बात है कि भारत के अलग-अलग चिड़ियाघरों और वन-उद्यानों के कई सिंहों को मरने के लिए छोड़ दिया गया है। यह समस्या अफ्रीकी और एशियाई प्रजाति के सिंहों के मेल से पैदा हुए संकर प्रजाति के सिंह हैं और इनकी प्रतिरोधक क्षमता कम है और इनके जीन में कई ऐसी ... आगे पढ़ें...
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अभी किसी गुमनाम भारतीय ने बिना सोचे-समझे वेबदुनिया पर आरोप लगाया है कि वेबदुनिया चोरों को बढ़ावा दे रही है, माना कि भारत में लोकतंत्र है मगर कोई भी सच्चा भारतीय बिना विचारे किसी व्यक्ति या संस्था पर ऐसे घटिया आरोप नही लगाता। पर एक बात बिल्कुल सही लिखी है ... आगे पढ़ें...
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 सफर अधूरा रह जाएगा गर मैने लखनऊ के लजीज़, नफीस कबाबों और दमपुख्त का ज़िक्र नही किया। अकबरी गेट पर मिलने वाले टुंडे के कबाब मरहूम मियाँ हाजी मुराद अली की वो खोज थी जिसबे उन्हें स्वाद की दुनिया का नायाब नवाब बना दिया, मुँह मे रखते ही घुल जाने वाले इस कबाब का स्वाद आगे पढ़ें...
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घूमना-फिरना मेरी फितरत में शामिल है, ठेठ स्थानीय स्वाद चखने को कहीं भी कभी भी जाने को तैयार रहता हूँ। क्योंकि मेरा मानना है कि किसी भी जगह के बारे मे वहाँ के खान-पान से बड़ी आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है... काश्मीर से कन्याकुमारी तक अब तो बहुत से स्वाद ... आगे पढ़ें...
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 अदम्य साहस और युद्धकौशल के लिए मशहूर, भारतीय सेना के इतिहास में स्वर्णिम दस्तखत करने वाले अमृतसर में जन्मे भारत के सबसे ज्यादा चर्चित और कुशल सैनिक कमांडर पद्मभूषण, पद्मविभूषण फील्ड मार्शल सैम होर्मूसजी फ्रेमजी जमशेदजी मानेकशॉ (3 अप्रैल 1914) के जीवन और ... आगे पढ़ें...
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 आरक्षण की माँग को लेकर पिछले एक साल से सुलग रहे गुर्जर आन्दोलन ने अब एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया है। कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला के नेतृत्व में गुर्जरों को राजस्थान में अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलाने की माँग को लेकर भड़क रहे हिंसक आंदोलन पर पूरे देश के माथे ... आगे पढ़ें...
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 भारत के अब तक के सर्वाधिक लोकप्रिय व चहेते राष्ट्रपतियों में से एक डॉ. अबुल पाकिर जैनुलआब्दीन अब्दुल कलाम ने तमिलनाडु के एक छोटे से तटीय शहर रामेश्वरम में अखबार बेचने से लेकर भारत के राष्ट्रपति पद तक का लंबा सफर तय किया है। राष्ट्रपति पद से मुक्त होने के ... आगे पढ़ें...
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 प्रकृति ने हर प्राणी को एक नियम के तहत बनाया गया है, हर प्राणी को एक नियत जिम्मेवारी दी गई है, प्रकृति के इस चक्र में साफ-सफाई का काम करने वाले गिद्दों की संख्या पिछले एक दशकों में एकाएक घट गई है, लगभग सम्पूर्ण दक्षिण एशिया में विलुप्त हो रहे गिद्धों को ... आगे पढ़ें...
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