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ब्लॉग्स (69)
विश्व की कई सभ्यताएँ प्राचीनकाल से नागों को पूजती आई हैं। भारत में भी साँपों को आदिकाल से ही पूजनीय माना जाता रहा है, पर यही प्रथा आज इनके नाश का एक कारण बन गई है। भारत में नागों के नाम पर एक विशेष पर्व 'नागपंचमी' मनाया जाता है, इस त्यौहार में पूजे जाने वाले नागों की आज इतनी बदतर स्थिति है कि उन्हें खतरे में पड़ी प्रजाति के तौर पर चिन्हित किया गया है। आगे पढ़ें...

बंगाल की खाड़ी के मुहाने पर स्थित 7,900 वर्ग मील क्षेत्रफल में फैला सुंदरबन मैंग्रोव पारिस्थितितंत्र दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव क्षेत्र तथा भारत और बांग्लादेश का एकमात्र मैंग्रोव जंगल है जहाँ आज भी बाघ (टाइगर) अपनी दहाड़ से अपने अस्तित्व का परिचय देते यहाँ स्वछंद विचरण करते हैं। दुरूह दलदली में फैले और 'बाघादेव' द्वारा संरक्षित सुंदरबन के बारे में भारत तथा बांग्लादेश में बहुत चर्चा नहीं है पर इतना तो पता चल ही चुका है कि सुंदरबन के इस रक्षक को अब कम होते क्षेत्र, घटते शिकार और शिकारियों के कारण भारी नुकसान हो रहा है। इसी तरह प्राकृतिक आपदाओं व मनुष्य की गतिविधियों से बाघों की शरणस्थली मैंग्रोव जंगल भी अब तेजी से खत्म होते जा रहे हैं। आगे पढ़ें...

इनसान हमेशा से पृथ्वी पर अपने अस्तित्व को बचाने के लिए प्रयासरत रहा है। विश्व के सभी प्रमुख धार्मिक ग्रंथों व धर्मों में प्रलय (विनाश) की अवधारणा तथा मनुष्य द्वारा उस विपत्ति से पार पाने का वर्णन मिलता है। चाहे नूह की कहानी हो या मनु की कहानी, सबमें एक ... आगे पढ़ें...

आज आडवाणी पर भी चप्पल चल ही गई, कांग्रेस से हर मामले पर मोर्चा लेने वाली बीजेपी जूते-चप्पला फेंके जाने में भी समकक्ष हो गई| फर्क इतना है कि कांग्रेस के वर्तमान गृहमंत्री पर जूता फेंका गया जबकि भारतीय जनता पार्टी के भूतपूर्व गृहमंत्री रहे लाल्कृष्ण आडवाणी ... आगे पढ़ें...

पाकिस्तान के सांस्कृतिक केंद्र लाहौर में श्रीलंकाई खिलाडियों पर हुए आतंकी हमले ने 1972 में म्युनिख ओलम्पिक खेलों में ब्लैक स्प्टेम्बर ऑर्गनाईजेशन द्वारा 11 इसराइली खिलाड़ियों की हत्या की तस्वीर ताजा कर दी। एक बार फिर आतंक के काले साए ने पाकिस्तान की ताजा ... आगे पढ़ें...

हाल ही में हुई बांग्लादेश राइफल्स की खूनी बगावत ने बरसों की अस्थिरता तथा दो साल के सैनिक शासन के बाद वापस लोकतंत्र के रास्ते पर लौटते बांग्लादेश और इसके संस्थापक मुजीबुर्ररहमान की बेटी शेख हसीना की राह में कांटे बिछाते हुए सुप्तावस्था में रह रहे एक बड़े ... आगे पढ़ें...

जिनेवा में लार्ज हैडरन कोलाइडर (एलएचसी) के महापरीक्षण के बाद वैज्ञानिक इससे भी बड़ी मशीन बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इस मशीन का नाम रखा गया है इंटरनेशनल लीनियर कोलाइडर (आईएलसी)। यह एक अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट है। इसका मकसद भी विज्ञान के अनसुलझे सवालों को ... आगे पढ़ें...

आज सुबह फिर एक काली खबर पढ़ने को मिली कि इंदौर में विकास के नाम पर 400 हरे-भरे पेड़ो को काट दिया जाएगा। इससे बहुत से पशु-पक्षियों (मोर, तीतर, कोयल, गौरैया, कबूतर, उल्लू इत्यादि) का बसेरा खत्म हो जाएगा, और इसके परिणाम स्वरूप शायद उनकी जिन्दगी भी खत्म हो ... आगे पढ़ें...

हमारे भारत में पानी के वितरण, संचयन, और उपयोग का उचित प्रबंधन नहीं होने के कारण, पानी उपलब्ध होने के बावजूद हमें कृषि, बिजली और घरेलू उपयोग सहित अन्य कामों के लिए पानी की कमी झेलनी पड़ रही है। जल की जो मात्रा उपभोग और अन्य प्रयोगों के लिए उपलब्ध है, वह ... आगे पढ़ें...

पिछले कुछ महीनों से दुनियाभर की निगाहें एकाएक उपजे आर्थिक संकट पर लगी हैं, यहाँ तक कि बरसों से गरीबी की मार झेल रहे निम्न वर्ग के लोग भी इस संकट से सहमे हुए हैं। विश्वभर के नेता और अर्थशास्त्री तो लगातार बैठकें कर अरबों डॉलर के संभावित नुकसान से बचने के ... आगे पढ़ें...

बहुत जल्द ही टाइगर यानी बाघ हमारा राष्ट्रीय पशु बाघ का शिकार गधे, बंदर, बकरी और चूहा मिलकर करेंगे। जी हां, बाघ से राष्ट्रीय पशु का खिताब छिनने जा रहा है और उसके सिंहासन पर कब्जे के लिए गधे, बंदर, बकरी और चूहे के बीच जंग की तैयारी है। राष्ट्रीय पशु बाघ की ... आगे पढ़ें...

गजानन गणपति का स्वरूप, भारत में पूज्य माने जाने वाले गजराज को अपने अस्तित्व के लिए आजकल एक नई लड़ाई लड़नी पड़ रही है। कभी भारत हाथियों का स्वर्ग हुआ करता था, लेकिन शिकार, घटते जंगल और आहार में कमी के कारण इनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है। हर साल बड़ी ... आगे पढ़ें...

भारतीय नौसेना के हेलिकॉप्टर को मुंबई के नरीमन प्वाइंट रहवासी इलाके में अपने ही देश में, अपनी ही धरती पर गोलियाँ बरसाते देख ऐसा लगा कि यह भारत नहीं, फिलिस्तीन की गाजा पट्टी हो। क्या आज इस पूरे देश में कोई सुरक्षित है? आखिर कहाँ चूक हुई जो आज ऐसी स्थिति आ ... आगे पढ़ें...

किसी भी देश के लिए आतंक का सबसे भयानक चेहरा माने जाते हैं फिदायीन यानी आत्मघाती हमलावर। इन फिदायीन हमलावरों को एक लक्ष्य दिया जाता है, जिसे पूरा करने के लिए फिदायीन अपनी जान दे देते हैं। यह सबसे बड़ा सवाल है कि एक आम आदमी आखिर कैसे जिहाद के नाम पर इतनी ... आगे पढ़ें...

मेहराज दुबेपलानिअप्पन चिदम्बरम का चेहरा हममें से ज़्यादातर के लिए वित्त मंत्रालय का पर्याय बन गया है। उन्हें गृह मंत्रालय में देखकर भी बहुत-से लोगों को सिर्फ पैसे की याद आएगी। नए मंत्रालय में उनके सामने नई चुनौतियां हैं... उनसे निपटने के लिए उनके पास नए ... आगे पढ़ें...

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