
विश्व की कई सभ्यताओं द्वारा पूजे जाने वाले चंद्रदेव के पैर पखारने की तैयारी भारत ने काफी पहले से शुरू कर दी थी। 22 अक्टूबर 2008 का दिन न केवल इसरो के लिए मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि भारतीय इतिहास में भी सुनहरे हर्फों में लिखा जाएगा। इस दिन सुबह 6.22 ...
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