बूढी घोडी लाल लगाम, अरे श्रीमती नेने कुछ तो उमर का तकाजा रखिए बाल-बच्चों को पालने पोसने की उमर में नाचने का जोश लगता है टीवी जारी पर टैलेंट शो देख-देख चर्राया है। अब यशराज वालों का तो क्या है एक-दो झटके तो 'झूम बराबर' के सह लेंगे पर मैडम हिन्दुस्तान में 40 पार की अभिनेत्रियाँ माताजी या चरित्र रोल करतीं नज़र आती है, अब अमरीका की बात अलग है वहाँ तो प्लास्टिक सर्जरी करा-करा हिरोईनें काम निकाल लेतीं है पर इधर तो अभिनेत्रियाँ शादी-ब्याह होते ही घर-गृहस्थी की राह पकड़ लेती है अब श्रीदेवी को ही ले लिजिए चाहे तो बोनी कपूर से बोल फटाक से किसी भी फिल्म की हिरोईन बन वापसी कर सकती है पर बोनी ठहरे छाछ से जले तो अब हर सफेद वस्तु को फूँक-फूँक पीने लगे है, खैर हम विषय पर वापसी करते हुए माधुरीजी की वापसी पर चलो उनको शुभकामनाएँ दे ही देते है अब आगे भली करेंगे राम....
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